Monday, 19 December 2016

९ आश्चर्यचकित और यात्रा को मंगलमय और सुखद करने वाले सुजाव


















हमें याद है बचपन में रेलगाड़ी की टिकट खरीदना एक मुश्किल और कठिन काम हुआ करता था...
आज हम देखें तो टिकट  खरीदना अत्यन्त सरल और सुलभ है.
मंगलमय और सुखद यात्रा के लिए निम्नलिकित सुझावों पे ध्यान दें .

९  आश्चर्यचकित और यात्रा को मंगलमय और सुखद  करने वाले सुजाव ....
१. अपना टिकट हमेशा औथोरिज़ेड एजेंट से ही खरीदें..
२.रेलवे वेबसाइट  का लाभ उठाएं...
३. यात्रा का सही तैयारी-  आयोजन - नियोजन करें 
४. अग्रिम आरक्षण ( रिजर्वेशन) का लाभ उठाएं
५. किसी दुसरे व्यक्ति के टिकट पे यात्रा न करें
५. कुछ गाड़ियां के टिकट महेंगे होते हैं (जैसे शताब्दि,राजधानी ) नवीनतम  समाचार 
६. अब नए नियमों के कारन इनके टिकट के दाम में काफी वृद्धि हुई हैं .
७. आरक्षण करने के पहले अपने फोटो पहचान पत्र तैयार रखें
८. नेटबैंकिंग का लाभ उठाएं
९. तत्काल  टिकट आरक्षण  समयों का ध्यान रखें

सुखद यात्रा के लिए हमारी शुभकामनाएं 

भारत सरकार लोगों को कैशलेस अर्थव्यवस्था की तरफ प्रोत्साहित कर रही है। कैशलैस अर्थव्यवस्था को तभी पाया जा सकता है जब अर्थव्यस्था में धीरे-धीरे कैश को कम किया जाए और सभी लेन-देन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम जैसे प्रत्यक्ष डेबिट, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक क्लिरिंग और भुगतान प्रणाली जैसे तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस), राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) से इस्तेमाल किया जाए।
देश में कैशलैस अर्थव्यवस्था से नागरिकों को होने वाले लाभ:
  • वस्तु और सेवाओं को प्राप्त करने के लिए नकदी ले जाने की जरुरत नहीं है। करंसी नोट लेकर चलने और मेहनत से कमाए गए धन को खोने से बचा जा सकता है।
  • खुले पैसे न होने की स्थिति में अतिरिक्त कीमत देने से बच सकते हैं जिसका परिणाम यह है कि वास्तविक बकाया राशि का ही भुगतान किया जा सकता है। लेन-देन की कीमत कम हो सकती है।
  • खरीदारी में सुविधा, बिलों का भुगतान और वित्तीय लेन-देन को घर, ऑफिस या कहीं से भी अपने स्मार्ट फोन के जरिए किया जा सकता है।
  • यह वित्तीय लेन-देन को प्रमाणित करता है और समुचित रिकार्ड बनाए रखता है। सभी आर्थिक लेन-देन इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से हो तो यह असंभव है कि काला बाजारी हो और भूमिगत अर्थव्यवस्था बने और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचे।
  • डिजीटल भुगतान परोक्ष रुप से करंसी नोट की प्रिटिंग और आवागमन की जरुरत के खर्च को कम करता है।
  • इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन भ्रष्टाचार से लड़ने और काले धन के प्रवाह को कम करने में मदद करता है। इस तरह देश के आर्थिंक विकास में मदद करता है।
  • कैश का कम इस्तेमाल इसके अवैध होने को रोकता है और बेहतर कर (टैक्स) अनुपालन करता है।
  • कर आधार में वृद्धि का परिणाम यह होगा कि राज्य के लिए ज्यादा राजस्व और सरकार के जन कल्याण कार्यक्रमों के फंड के लिए ज्यादा धनराशि उपलब्ध होगी।
भारतीय रेलवे अपने ग्राहकों को आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर इंटरनेट टिकटिंग के जरिए आरक्षित टिकटें बुक करने के लिए कैशलेस टिकटिंग का विकल्प प्रस्तुत करती है। ट्रेन के आरक्षण का 58 प्रतिशत से ज्यादा ई-टिकटिंग के जरिए ही बुक होता है । आईआरसीटीसी पश्चिम और केंद्रीय रेलवे की सबअर्बन ट्रेन सेवाओं के लिए सीजन टिकट खरीदने का विकल्प भी उपलब्ध कराती है । मोबाइल फोन के जरिए अनारक्षित टिकटें खरीदने की सुविधा दिल्ली, मुबंई, चेन्नई, कोलकाता और सिकंदराबाद में उपलब्ध है । ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन जिनसे स्मार्ट कार्ड के इस्तेमाल से अनारक्षित टिकटों का वितरण होता है सीआर, ईआर, ईसीओआर, एनआर, एनईआर, एनडब्ल्यूआर, एसआर, एससीआर, एसईआर, एसईसीआर, एसडब्ल्यूआर, डब्ल्यूआर और डब्ल्यूसीआर के 1000 स्थानों पर उपलब्ध कराए गए हैं। स्मार्ट कार्ड स्टेशनों पर नामित काउंटर से खरीदे जा सकते हैं।
भारतीय रेल, सरकार की मदद के लिए और राष्ट्र को कैशलैस डिजीटल अर्थव्यवस्था बनाने में आपका सहयोग और समर्थन चाहती है।